Skip to main content

कैसे होगी tour of duty के लिए सेलेक्शन ? - Full Details

कैसे होगी tour of duty के लिए  सेलेक्शन ? 

हेलो दोस्तों बहूत  ही बड़ी अपडेट निकल कर आरही है इंडियन आर्मी के तरफ से, हर एक उस 
युवा के लिए जिसने अपनी लाइफ में कभी न कभी इंडियन आर्मी का सपना देखा था | अपने देश 
की सेवा करने अथवा खुद को इंडियन आर्मी की ड्रेस में देखने के लिए आज उसका सपना सच होने जा रहा है |क्या है Tour of Duty का ये कॉन्सेप्ट ? कैसे होगी इसकी चयन प्रक्रिया ?
सैलरी क्या होगी ? 
आइये  step by step इन सारे सवालो का जवाब जानते है | 

कृपया ध्यान दे :- ये जानकारी डिजिटल मीडिया बेस्ड है इसकी आधिकारिक पुस्टि अभी तक नहीं हुई है | 

क्या है Tour of Duty का मतलब  ?

  • Tour Of Duty हमारी इंडियन आर्मी की एक पहल है जिसमे देश के आम नागरिक भी हिस्सा ले सकते  और 3 सालों तक अपने देश की सेवा कर सकते हैं | 
  • सबसे पहले इसे 100 ऑफिसर्स और 1000 जवान के साथ ट्रायल बेसिस पे शुरू किया जाएगा 

इसकी जरुरत क्यों पड़ी ?

  • दोस्तों पिछले कुछ सालों में पेंशन्स पे जो खर्च आरहे है ( defence pension bill ) वो हमारा काफी ज्यादा  बढ़ गया है | पिछले साल का अकड़ा अगर देखे तो लगभग 146 % का खर्च केवल हमारे पेंशन्स के ऊपर बढ़ी हैं | 
  • इसके पीछे वजह ये है कि अगर आप करंट डाटा देखे तो आप ये पाएंगे कि लगभग 43,000 ऑफिसर्स  सिर्फ आर्मी के हैं और उसमे से भी 80% परमांनेंट कमीशन पे हैं | 
  • इसके अलावा दूसरे रैंको पर लगभग 11.8 लाख ऑफिसर्स हैं | 
  • इसके अलावा जितने भी ( ssc - short service commission ) के ऑफिसर्स हैं उनमे से 50-60% परमानेंट कमिशन में चले जाते हैं जिसकी वजह से उनको भी पेंशन देनी पड़ती है | 
  • इसलिए हमारा जो पेंशन का खर्च है वो काफी बढ़ गयी है जिसकी वजह से इंडियन आर्मी पर एक अतिरिक्त बोझ बन जा रहा है | 
  • इसके अलावा अगर एक सैनिक 17 वर्ष यार 54 वर्ष तक इंडियन आर्मी में अपनी सेवा देता है तो उसके मैच्युरिटी तक उसका पूरा खर्च लगभग 11.5 करोड़ तक होता है, वही ( TOD ) के आने के बाद ये खर्च 80-85 लाख तक सिमित हो जाएगा जिससे इंडियन आर्मी को काफी राहत मिलेगी | और उन पैसो को आधुनिक हथियार खरीदने में प्रयोग होगा जिससे हमारी आर्मी की  ताकत बढ़ जाएगी | 

Tour of Duty के फायदे क्या हैं ?

  • इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि कोई भी कॉर्पोरेट कम्पनी यही चाहेगी कि उसके लोग अनुशासन वाले हो अच्छी माइंड सेट हो | तो इसलिए अगर आप आर्मी में जा रहे हो तो ये खूबियां आपमें आ ही जाएंगी | 
  • इसका दूसरा फायदा ये है कि अगर कोई नौजवान आर्मी का एक्सपीरियंस लेना चाहता है लेकिन हमेसा के लिए उसमे नहीं रहना चाहता है तो उसके लिए ये सुनहरा मौका है | 
  • इसका तीसरा और सबसे बड़ा फायदा यह है कि आर्मी का खर्च भी कम हो जाएगा और कॉम्बैट एबिलिटी भी बहोत बढ़ जाएगी | 

चयन प्रक्रिया ( selection process ) क्या होगी ?

  • दोस्तों डिजिटल मीडिया की मानें तो इसकी चयन प्रक्रिया में बदलाव नहीं किया जाएगा |इसका भी सेलेक्शन प्रोसेस बिलकुल वैसे ही होगा जैसे की नार्मल सेलेक्शन होता है | 
  • फिजिकल और मेडिकल भी ठीक वैसे ही होगी जैसे की एक नार्मल चयन प्रक्रिया में होता है | 
  • ऑफिसर्स की उम्र में कुछ छूट मिल सकती है क्युकी ये एक 3 साल का  इंटरनशिप है  तो अगर कोई अफसर अगर 27 साल की उम्र में भी भर्ती होता है तो उसे 30 होते होते उसकी अवधी समाप्त हो जाएगी | 
  • वही अगर शैक्षणिक योग्यता की बात की जाए तो जवान के लिए 10वी और 12वी अथवा ऑफिसर्स के लिए ग्रेजुएशन जरुरी होगा | 

मानदेय ( salary ) क्या होगी ?  

        दोस्तों सैलरी को लेकर सबके मन में एक सवाल रहता है कि सैलरी कितनी मिलेगी | 

         पेंशन भी मिलेगी या नहीं | तो एक चीज़ तो साफ़ है कि इसमें आपको पेंशन नहीं 
         मिलेगी | अगर बात की जाए जवानों के वेतन की तो उनकी सैलरी 35000-40000
         तक रहेगी | वही अगर ऑफिसर्स कि बात कि जाए तो उनकी सैलरी 70000-80000 
         तक रहेगी | 

Comments

Menu Footer Widget

Speech Recognition System क्या है ? इसकी शुरुआत कब हुई ?

Speech Recognition क्या है ? इसकी शुरुआत कब हुई ? Speech Recognition or Voice Recognition इन दोनों का मतलब लगभग एक ही है। आज की डेट में सायद ही कोई ऐसा आदमी होगा जिसे स्पिच रेकॉग्नीशन के बारे में पता न हो। आपका मोबाइल फ़ोन हो या लैपटॉप या आपका पर्सनल कंप्यूटर आप बिना कुछ टाइप किये सिर्फ बोलकर कमांड दे सकते हैं। जैसे कि अगर आपको अपने मोबाइल से किसी को कॉल करना हो तो आप सिर्फ उस व्याक्ति का नाम लेकर उसको कॉल कर सकते हैं। अगर आप google पर कुछ सर्च करना चाहते हैं तो बिना keypad इस्तेमाल किये सिर्फ बोलकर आसानी से उसे सर्च कर सकते हैं। अगर आपको youtube पर  कोई वीडियो सर्च करनी हो तो सिर्फ बोलकर आप अपना वीडियो देख सकते हैं। आज कल बाजार में भी ऐसे कई हार्डवेयर डिवाइस आपको मिल जाएंगे जो सिर्फ आपकी आवाज सुनकर अपना काम करते हैं। जैसे कि अमेज़न की Alexa , गूगल Assistant , एप्पल की Siri, माइक्रोसॉफ्ट की Cortana . लेकिन क्या आप जानते है इसकी शुरुआत कब और कैसे हुई ? ये काम कैसे करता है ? आइए जानने कि कोशिश करते हैं। speech recognition क्या है ? स्पीच रिकग्निशन एक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर प्