Skip to main content

सामने आया "मोनालिसा" का रहस्य | The "MONALISA" Mystry Revealed

मोनालिसा कौन थी ?



सामने आया "मोनालिसा" का रहस्य | The "MONALISA" Mystry Revealed
एक ऐसा चेहरा जिसने सदियों से दुनिया को हैरान कर रखा है। ये चेहरा एक ऐसी रहस्यमयी मुस्कान लिए हुए है। जिसे समझने की कोशिसे पिछले 500 सालों से की जा रही हैं। "मोनालिसा " ये इकलौती पेंटिंग खुद में सैकड़ों राज़ छुपाए हुए है। आज हम इस पुराने रहस्य से पर्दा उठाएंगे और मोनालिसा के बारे में 10 ऐसी बातें जानेंगे जो आपको सचमुच हैरान कर देंगी। 

NO . 10 

2003 में अमेरिकन लेखक 'DAN BROWN' का एक नॉवेल आया था। जिसका नाम था "THE DA VINCI CODE" सायद आपलोगो में से बहोत लोगों  ने इसे पढ़ा भी होगा। या फिर इसी नॉवेल पर बनी  फ़िल्म भी देखा होगा। फ़िल्म में दिखाया गया है कि LEONARDO DA VINCI की पेंटिंग्स में SECRET CODES छुपे हुए है जब ये BOOK प्रकाशित हुई थी तो BOOK की शुरुआती पब्लिसिटी करते हुए 'DAN BROWN' ने ये दावे किये थे कि हलांकि वो मानते हैं कि उनकी ये BOOK काल्पनिक है,लेकिन BOOK में जो HISTORICAL INFORMATION दिए गए है वो बिलकुल सच हैं। और इसके लिए उन्होंने काफी RESEARCH की है।


DAN BROWN के BOOK कि शुरुआत में ही एक पेज आता है "FACT" और यहाँ भी यही दवा किया जारहा है। इस BOOK और FILM दोनों का ही ईसाईयों ने काफी विरोध किया। उन्होंने कहा ये क़िताब HISTORICAL INACCURATE है। इसमें ईशाई धर्म के बारे में जो कहा गया है और EUROPEON ART के बारे में जो जानकारी दी गयी है सब गलत है। लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है कि DAN BROWN की थ्योरी में जरा सी भी सचाई नहीं है। समय समय पर ऐसे दावे होते रहे है की इस पेंटिंग में सच में SECRET CODES छुपे हुए हैं। 
2010 में एक ITALIAN ART HISTORIAN "SILVANO VINCETI "ने दावा किया कि मोनालिसा के आँखो पर बहुत छोटे अक्षर छुपे है जिन्हे मैग्नीफाइंग ग्लास के द्वारा ही देखा जा सकता है। उन्होंने ने बताया कि मोनालिसा की दाये आंख पे "LV" लिखा हुआ है। जिसका मतलब LEONARDO DA VINCI हो सकता है। और बाये आंख पर  सायद "CE" या "B" लिखा है जिसका मतलब उन्हें भी नहीं पता। 

NO . 09 

बहोत से लोग ये मानते हैं कि DA VINCI के मरने के बाद उनकी पैन्टिन्ग मोनालिसा को दोनों तरफ  से थोड़ा - थोड़ा काट दिया गया था। क्युकी मोनालिसा की जो शुरुआती रेप्लिका है जो DA VINCI के समय के दूसरे पैन्टेर्स ने बनाई थी उनमे दोनों तरफ पिलर दिखाई देते है। जबकि ORIGINAL पैटिंग में पिलर्स के सिर्फ EDGE दिखाई देते है। जैसे कि दोनों तरफ से थोड़ा थोड़ा काट दिया गया हो। कुछ ART HISTORIANS का ये भी कहना है कि ORIGINAL मोनालिसा की तस्वीर के साथ किसी ने भी छेड़ छाड़ नहीं की है बल्कि जिन्होंने मोनालिसा की रेप्लिका बनाई थी उन्होंने अपने मन से पेंटिंग में पिलर जोड़ दिए हैं। 

NO . 08 

क्या अपने कभी सोचा है कि इटली की सबसे मशहूर पेंटिंग मोनालिसा इटली में क्यों नहीं है? ये पेंटिंग फ्रांस कैसे चली गयी ? 1516 में DA VINCI फ्रांस के राजा FRANCIS के निमंत्रण पर फ्रांस चले गए थे। वो मोनालिसा को भी अपने साथ ले गए थे और वहा अपनी पेंटिंग पर काम करते रहे।1519 में DA VINCI की फ्रांस में ही मृत्यु हो गयी। इसके बाद मोनालिसा को DA VINCI के शिष्य SALAI को सौप  गयी। ये कहा जाता है की SALAI ने ये पेंटिंग KING FRANCIS को बेच दी। इसके बदले उन्हें 4000 सोने के सिक्के मिले थे। इसके बाद ये पेंटिंग फ्रांस के PALACE OF FONTAINEBLEAU में रखी गयी। इसके बाद KING LUISE ने इसे PALACE OF VERSAILLES में भेज दिया। 1797 में FRENCH REVOLUTION के दौरान  इस पेंटिंग को पेरिस के LOUVRE MUSEUM में रख दिया गया। 

NO . 07 

इटली पूरी कोशिस कर रहा है कि उनकी ये पेंटिंग उनके देश में वापस आजाए। इटली के बहोत से लोगों का ये भी मानना है कि मोनालिसा को चुराया गया था न कि फ्रांस के राजा ने इसे खरीदा था। फ्रांस की सरकार इसे वापस न लौटाने के दो कारण बताती है। पहला तो ये कि ये पेंटिंग बहोत पुरानी हो चुकी है और बहोत नाज़ुक है इसलिए इसे कही भी लेजाना सही नहीं है। दूसरा फ्रांस की सरकार ये कहती है कि हमने इसे ख़रीदा था तुम भी खरीद लो। 

NO . 06 

फ्रांस किसी भी क़ीमत पर मोनालिसा को कभी बेचेगा ऐसा लगता नहीं है क्युकि हर साल LOUVRE MUSEUM में क़रीब 1 करोड़ लोग आते हैं और उनमे से 80% सिर्फ मोनालिसा को देखने के लिए आते हैं। लेकिन अगर फ्रांस इसे बेचने को राज़ी हो भी गया तो मुझे नहीं लगता 2020 में इसकी कीमत को देखते हुए मोनालिसा को खरीदने की हिम्मत कोई करेगा। अगर इसे भारतीय रुपये के हिसाब से देखे तो लगभग Rs. 64,45,63,50,000 /- होगा। 

NO . 05  

1530 में KING FRANCIS ने ये निर्णय लिया कि मोनालिसा उनके बाथरूम के दिवार पर ही सही रहेगी। और उसने मोनालिसा को अपने बाथरूम की दिवार पे लगवा दिया। एक्सपर्ट्स का कहना है की मोनालिसा की पेंटिंग बाथरूम में ज्यादा दिनों तक रहने की वजह से भाप के कारन पेंटिंग को बहोत नुकसान हुआ। 

NO . 04 

DA VINCI ने मोनालिसा पर 16 वर्षों तक काम किया। इसके बावजूद भी वो इस पेंटिंग को पूरा नहीं कर पाए। जो बात DA VINCI को दुनिया का सबसे बेहतरीन ARTIST बनती है वो ये कि उन्हें अपने काम को लेकर हद से ज्यादा पागलपन था। उन्होंने अपने लिए काम किया। वही किया जो उनका दिल चाहता था। ऐसा नहीं है कि DA VINCI को अपनी पेंटिंग बेचकर पैसा कमाने की जरूरत नहीं थी इसलिए उन्होंने अपने लिए काम किया बल्कि उन्हें पैसों की जरूरत थी लेकिन जितना वो अपने काम से दुसरो को संतुष्ट करना चाहते थे उससे कई ज्यादा वो अपने आप को संतुष्ट करना चाहते थे। वो अपनी INTELECTUAL CURIOSITY को संतुष्ट करना चाहते थे। यह वजह है की मोनालिसा पर इतने सालों तक काम करने के बाद और इतनी अच्छी पेंटिंग बनाने के बावजूद भी उनकी नजर में वो अधूरी ही थी। 


NO . 03 

1963 में फ्रांस की सरकार ने मोनालिसा को 2 महीनों के लिए USA भेज दिया। वह के MUSEUM में प्रदर्शित करने के लिए। 21 दिनों के लिए मोनालिसा को NATIONAL GALLERY OF ART में प्रदर्शित किया गया। और फिर 21 दिनों के लिए न्यूयोर्क के METROPOLITIAN MUSEUM OF ART में प्रदर्शित किया गया। एक व्यक्ति को सिर्फ 20 सेकंड का समय मिलता था मोनालिसा को देखने के लिए। और आपको जानकर हैरानी होगी कि उस दौरान इतनी लम्बी लाइन लगती थी कि इस पेंटिंग की एक झलक भर पाने के लिये एक व्यक्ति को 2 - 2 घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ता था। 

NO . 02 


आपलोग सोच रहे होंगे कि ये एक मामूली पेंटिंग होगी क्युकि इसमें कुछ खास नहीं दिख रहा। लेकिन ये सचमुच में दुनिया की सबसे खास पेंटिंग्स में से एक है। DA VINCI के  पहले या बाद में बहोत से पैन्टेर्स ने पेंटिंग बनाई लेकिन कोई भी  इतना वास्तविक पेंटिंग नहीं बना पाया। बहोत से आर्टिस्टों ने DA VINCI के तकनीक को कॉपी करने की कोशिस की परन्तु कोई भी ऐसा नहीं पाया। उन्होंने एक ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया था जिसका नाम है  SFUMATO. इस तकनीक में रंगों को एक दूसरे में ऐसे सम्मिलित कर दिया जाता है कि ब्रश के निशान और आउटलाइन को देख पाना लगभग नामुमकिन हो जाता है।


NO . 01 

इस पेंटिंग के बारे में सबसे बड़ा रहस्य यह है कि " मोनालिसा " कौन थी ? आखिर ये कौन औरत थी जिसकी पेंटिंग DA VINCI ने बनाने में अपनी पूरी जिंदगी लगा दी ? कुछ लोग कहते हैं कि ये एक इटालियन महिला LISA GHERARDINI DEL GIOCONDO थी।  कुछ लोग ये मानते है कि ये DA VINCI का स्वचित्र है और उन्होंने अपने आप को एक औरत के रूप में बनाया था। कैच कुछ लोग ये भी कहते है कि इस पेंटिंग में DA VINCI के शिष्य SALAI की तस्वीर छुपी है। ये भी कहा जाता है का सायद DA VINCI ने अपने SECRET LOVER की तस्वीर बनाई थी। इसके अलावा मोनालिसा को लेकर बहुत से अनुमान लगाए गए। लेकिन सच क्या है इसको जानने के लिए हम इतिहास में 500 साल पीछे DA VINCI के समय में चलते है। मोनालिसा के बारे में सबसे पुरानी जानकारी DA VINCI के शिष्य SALAI के निजी पत्रों से मिलती है। SALAI ने अपने पत्रों में लिखा है कि 1524 में उनके पास LA GIOCONDA नाम की एक पेंटिंग थी जो DA VINCI मरते वक़्त उनको सौंपा था। SALAI के पत्रों में मोनालिसा नाम का जिक्र कहि नहीं मिलता। 

अब सवाल ये उठता है कि SALAI अपने पत्रों में जिस पेंटिंग की बात कर रहे है क्या वो मोनालिसा ही थी ? 

1560 में एक इटालियन आर्ट हिस्टोरियन GIORGIO VASARI ने DA VINCI की जीवनी लिखी थी। उसी जीवनी में हमे सबसे पहली बार  MONALISA , ये नाम सुनने को मिला। VASARI से लिखा है की DA VINCI ने फ्लोरेंस के एक व्यक्ति FRANCESCO DEL GIOCONDO की पत्नी मोनालिसा का चित्र बनाया था। इटालियन भाषा में मोना का मतलब MADAM OR MY LADY होता है। तो यहाँ  VASARI का कहना है कि DA VINCI ने FRANCESCO की पत्नी MADAM LISA की पेंटिंग बनाई थी। 

अब बहुत से स्कॉलर ये कहते हैं कि VASARI की बातों पर आसानी से यकीन नहीं किया जा सकता क्युकी VASARI ने DA VINCI की जीवनी उनके मरने के 31 साल बाद लिखी थी तो हो सकता है VASARI के पास इस पेंटिंग के बारे में सही जानकारी नहीं मिली हो। 2005 में जर्मनी में HEIDELBERG UNIVERSITY के स्कॉलर ने एक 500 साल पुरानी किताब के अंदर एक छोटा सा हस्तलिखित कागज का टुकड़ा पाया। इसमें लिखी नोट DA VINCI के समय के ही एक व्यक्ति ने लिखी थी। जिनका नाम AGOSTINO VESPUCCI था। दरसअल जिस किताब के टुकड़े पर पे VESPUCCI ने ये लिखा था उसी पेज पर एक बहुत पुराने ग्रीक पेंटर APELLES का जिक्र आता है। और VESPUCCI  DA VINCI को APELLES से तुलना करते है। इस नोट में उन्होंने लिखा है कि 1503 में  DA VINCI "LISA GHERARDINI DEL GIOCONDO" का चित्र बना रहे थे। तो यहाँ हमे ये पता चल जाता है कि FRANCESCO DEL GIOCONDO की पत्नी LISA GHERARDINI DEL GIOCONDO ही "MONALISA" थी। 
 
उम्मीद करता हु जानकारी आपको अच्छी लगी होगी। 

ABHISHEK DWIVEDI








 

Comments

Menu Footer Widget

Speech Recognition System क्या है ? इसकी शुरुआत कब हुई ?

Speech Recognition क्या है ? इसकी शुरुआत कब हुई ? Speech Recognition or Voice Recognition इन दोनों का मतलब लगभग एक ही है। आज की डेट में सायद ही कोई ऐसा आदमी होगा जिसे स्पिच रेकॉग्नीशन के बारे में पता न हो। आपका मोबाइल फ़ोन हो या लैपटॉप या आपका पर्सनल कंप्यूटर आप बिना कुछ टाइप किये सिर्फ बोलकर कमांड दे सकते हैं। जैसे कि अगर आपको अपने मोबाइल से किसी को कॉल करना हो तो आप सिर्फ उस व्याक्ति का नाम लेकर उसको कॉल कर सकते हैं। अगर आप google पर कुछ सर्च करना चाहते हैं तो बिना keypad इस्तेमाल किये सिर्फ बोलकर आसानी से उसे सर्च कर सकते हैं। अगर आपको youtube पर  कोई वीडियो सर्च करनी हो तो सिर्फ बोलकर आप अपना वीडियो देख सकते हैं। आज कल बाजार में भी ऐसे कई हार्डवेयर डिवाइस आपको मिल जाएंगे जो सिर्फ आपकी आवाज सुनकर अपना काम करते हैं। जैसे कि अमेज़न की Alexa , गूगल Assistant , एप्पल की Siri, माइक्रोसॉफ्ट की Cortana . लेकिन क्या आप जानते है इसकी शुरुआत कब और कैसे हुई ? ये काम कैसे करता है ? आइए जानने कि कोशिश करते हैं। speech recognition क्या है ? स्पीच रिकग्निशन एक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर प्