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INDUS VALLEY CIVILISATION INDUS VALLEY CIVILISATION Indus civilisation is one of the four earliest civilisations of the world along with the civilisation of Mesopotamia  ( Tigris and Euphrates ), Egypt ( Nile ) and China ( Hwang Ho ). The civilisation forms part of the proto - history of India and belongs to the BRONZE AGE. The most accepted period is 2500 - 1700 BC ( by Carbon - 14 dating ).   IT CAN BE DIVIDED INTO FOLLOWING  SUB - PARTS  Early phase  2900-2500 BC Middle ( mature ) Phase 2500 - 2000 BC Later Phase  2000 - 1750 BC  DAYARAM SAHNI first discovered Harappa in 1921. RD BANERJEE discovered Mohenjodaro or Mound of the Dead in 1922. NOMENCLATURE OF INDUS VALLEY CIVILISATION  Indus valley Civilisation as it flourished along the Indus river. Harappan Civilisation named by John Marshall after the first discovered site, Harappa. Saraswati - Sindhu Civilisation  as most of the sites have been found at the Hakra- Ghaggar river. GEOGRAPHICAL SPREAD

डायनासोर का अंत और इंसानो की उत्पति कैसे हुई ? The End Of Dinosaurs ! Evolution of Human

डायनासोर का अंत और इंसानो की उत्पति कैसे हुई ? आज से 6.50 करोड़ साल पहले एक बड़ा Asteroid पृथ्वी से टकराया। धूल के बादल ने सूरज को ढक लिया। तापमान गिर गया। पृथ्वी पर रहने वाला 25 किलो से ज्यादा वजन का हर जीव ख़त्म होगया। Dinosours का काल ख़त्म हो गया। Dinosours का अंत एक नई प्रजाती के लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आया। ये प्रजाति थी Mammals की। Mammals यानि स्तनधारी जीव। इन्होंने खुद को इस महा विनाश से बचा लिया था। अत्यंत गर्मी से  बचने के लिए ये जमीन के अंदर रहने लगे  थे। और जीवित रहने के लिए इन्होंने सबकुछ खाना शुरू कर दिया। इतने बड़े महाप्रलय के गुजरने के बाद धरती फिर से सामान्य होने लगी थी। सतह पर फिर से नए पेड़-पौधे उगने लगे थे और धरती पर जो 5 % जीव बच गए थे उनमे Adaptive Radiation की प्रक्रिया से बहुत सारी नई प्रजातियां जन्म लेने लगी। ( Eocene Epoch ) में 5.5 करोड़ साल पहले बन्दर जैसी प्रजातियां आई। इनकी आँखे सर में आगे की तरफ थी। इसी काल में इन जीवों के सर अंदर एक विशेष बदलाव हुआ। इनके Spinal Cord को मस्तिस्क से जोड़ने वाला छेद जिसे Foramen Magnum कहते हैं। वह Scull के पिछले हिस्से

सामने आया "मोनालिसा" का रहस्य | The "MONALISA" Mystry Revealed

मोनालिसा कौन थी ? एक ऐसा चेहरा जिसने सदियों से दुनिया को हैरान कर रखा है। ये चेहरा एक ऐसी रहस्यमयी मुस्कान लिए हुए है। जिसे समझने की कोशिसे पिछले 500 सालों से की जा रही हैं। "मोनालिसा "  ये इकलौती पेंटिंग खुद में सैकड़ों राज़ छुपाए हुए है। आज हम इस पुराने रहस्य से पर्दा उठाएंगे और मोनालिसा के बारे में 10 ऐसी बातें जानेंगे जो आपको सचमुच हैरान कर देंगी।  NO . 10  2003 में अमेरिकन लेखक 'DAN BROWN'  का एक नॉवेल आया था। जिसका नाम था "THE DA VINCI CODE"  सायद आपलोगो में से बहोत लोगों  ने इसे पढ़ा भी होगा। या फिर इसी नॉवेल पर बनी  फ़िल्म भी देखा होगा। फ़िल्म में दिखाया गया है कि LEONARDO DA VINCI की पेंटिंग्स में SECRET CODES  छुपे हुए है जब ये BOOK प्रकाशित हुई थी तो BOOK की शुरुआती पब्लिसिटी करते हुए 'DAN BROWN' ने ये दावे किये थे कि हलांकि वो मानते हैं कि उनकी ये BOOK काल्पनिक है,लेकिन   BOOK में जो HISTORICAL INFORMATION  दिए गए है वो बिलकुल सच हैं। और इसके लिए उन्होंने काफी RESEARCH की है। DAN BROWN के BOOK कि शुरुआत में ही एक पेज आता है "FACT&

Speech Recognition System क्या है ? इसकी शुरुआत कब हुई ?

Speech Recognition क्या है ? इसकी शुरुआत कब हुई ? Speech Recognition or Voice Recognition इन दोनों का मतलब लगभग एक ही है। आज की डेट में सायद ही कोई ऐसा आदमी होगा जिसे स्पिच रेकॉग्नीशन के बारे में पता न हो। आपका मोबाइल फ़ोन हो या लैपटॉप या आपका पर्सनल कंप्यूटर आप बिना कुछ टाइप किये सिर्फ बोलकर कमांड दे सकते हैं। जैसे कि अगर आपको अपने मोबाइल से किसी को कॉल करना हो तो आप सिर्फ उस व्याक्ति का नाम लेकर उसको कॉल कर सकते हैं। अगर आप google पर कुछ सर्च करना चाहते हैं तो बिना keypad इस्तेमाल किये सिर्फ बोलकर आसानी से उसे सर्च कर सकते हैं। अगर आपको youtube पर  कोई वीडियो सर्च करनी हो तो सिर्फ बोलकर आप अपना वीडियो देख सकते हैं। आज कल बाजार में भी ऐसे कई हार्डवेयर डिवाइस आपको मिल जाएंगे जो सिर्फ आपकी आवाज सुनकर अपना काम करते हैं। जैसे कि अमेज़न की Alexa , गूगल Assistant , एप्पल की Siri, माइक्रोसॉफ्ट की Cortana . लेकिन क्या आप जानते है इसकी शुरुआत कब और कैसे हुई ? ये काम कैसे करता है ? आइए जानने कि कोशिश करते हैं। speech recognition क्या है ? स्पीच रिकग्निशन एक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर प्

ALBERT EINSTEIN का दिमाग क्यों था खास ?

ALBERT EINSTEIN का दिमाग क्यों था  खास ?  जिस इंसान ने आजतक कोई गलती नहीं की है तो यह मान लेना चाहिए कि  उस इंसान ने अपनी लाइफ में कुछ नया करने कि कोशिस ही नहीं की होगी | ऐसा ही कुछ मानते थे दुनिया के सबसे महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन | इनका जन्म 14 मार्च 1889 को जर्मनी के उल्म शहर में एक  यहूदी परिवार में हुआ था  | उनके पैदा होने के बाद डॉक्टर्स ने नोटिस किया कि उनका सर नार्मल बच्चो के मुक़ाबले काफी बड़ा था, और वो एक एब्नार्मल बच्चे के रूप में जन्मे थे | इसके बावजूद भी उनका दिमाग इतना तेज़ था की आजतक कोई भी उनका मुक़ाबला नहीं कर पाया | आज 60 साल हो गए आइंस्टीन हमे छोड़कर चले गए , लेकिन आज भी साइंस उनकी थेसुस के बिना कमजोर है | तो यही वजह है कि हर कोई उनके दिमाग के बारे में जानना चाहता है,कि आखिर उनके दिमाग में ऐसा क्या था जो की उन्हें इस मुकाम तक ले आया आज उन्हें दुनिया भर में महान वैज्ञानिक के रूप में जाना जाता है | क्या उनके ब्रेन में कोई सुपरनैचुरल पावर थी ? आइये जानने की कोशिस करते है :- दरअसल जब एल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म हुआ था तब उनका सर किस भी नार्मल  बचे से ज्यादा


सिंधु घाटी सभ्यता  सिंधु घाटी सभ्यता ( INDUS VALLEY CIVILIZATION ) :- विश्व की प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं में से एक प्रमुख सभ्यता थी | यह हड़प्पा सभ्यता और सिंधु - सरस्वती सभ्यताओं के नाम से भी जानी जाती है | आज से लगभग 80 वर्ष पूर्व पाकिस्तान के ' पश्चिम पंजाब प्रान्त ' के मांटगोमरी जिले ' में स्थित हरियाणा के निवासीयो को सायद इस बात का  किंचितमात्र भी आभास नही था की वे अपने आस पास की जमीन में दबी जिन ईटों का प्रयोग धड़ल्ले से अपने मकानों के निर्माण में कर रहे है , वह कोई साधारण ईंट नहीं , बल्कि लगभग 5,000 वर्ष पुरानी और पूरी तरह विकसित सभ्यता के अवसेस है | इसका आभास उन्हें तब हुआ जब 1856 ई. में ' जॉन विलियम ब्रन्टम ' ने कराची से  लाहौर तक रेलवे लाइन बिछवाने हेतु ईटों के आपूर्ति के इन खंडहरों की खुदाई प्रारम्भ करवायी | खुदाई के दौरान ही इस सभ्यता के प्रथम अवशेष प्राप्त हुए , जिसे इस सभ्यता का नाम ' हड़प्पा सभ्यता ' का नाम दिया गया |  खोज :- इस अज्ञात सभ्यता की खोज का श्रेय " रायबहादूर दयाराम साहनी " को जाता है | उन्होंने ही पुरातत्व सर्वेक